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सीकर को संभाग व नीमकाथाना को जिला निरस्त करने के खिलाफ सीकर अभिभाषक संघ ने निकाली आक्रोश रैली



सीकर (2 जनवरी 2025) : सीकर को संभाग और नीमकाथाना को जिला निरस्त करने के विरोध में सीकर अभिभाषक संघ ने गुरुवार को एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। रैली कोर्ट परिसर से शुरू होकर रानी सती मैरिज गार्डन तक पहुंची, जहां वकीलों ने प्रदर्शन भी किया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वकीलों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए अपनी नाराजगी जताई और मांग की कि सीकर को संभाग और नीमकाथाना को जिला बनाने के आदेशों को बहाल किया जाए।


रैली को सीकर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष भगीरथ मल जाखड़ ने संबोधित करते हुए कहा, “भाजपा सरकार ने सीकर को संभाग और नीमकाथाना को जिला निरस्त कर दिया है, जो शेखावाटी क्षेत्र के लोगों के साथ एक बड़ा अन्याय है। नीमकाथाना के लोग वर्षों से अपने क्षेत्र को जिला बनाने की मांग कर रहे थे, और अब सरकार ने यह निर्णय लिया है, जो उनकी भावनाओं के खिलाफ है। साथ ही, सीकर से संभाग का दर्जा हटाकर प्रशासनिक संरचना को भी कमजोर किया गया है।”


अभिभाषक संघ ने इस फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि पहले की सरकार ने राजस्थान में नए जिलों और संभागों के गठन के लिए सहानुभूति दिखाते हुए नीमकाथाना को जिला और सीकर को संभाग का दर्जा दिया था। इसके बाद भौगोलिक सीमांकन के साथ अधिसूचना जारी की गई, जिसके बाद सीकर संभाग का गठन हुआ था। इस संभाग में चुरु, झुंझुनू, सीकर और नीमकाथाना जिले शामिल किए गए थे।


रैली के बाद वकील रानी सती मैरिज गार्डन में एक बैठक में शामिल हुए। वकीलों ने बताया कि पिछले 17 महीनों से सीकर संभाग मुख्यालय पर संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त संभागीय आयुक्त की नियुक्ति की गई थी, और प्रशासनिक ढांचा धीरे-धीरे कार्य करने लगा था। इसके साथ ही, सीकर में पुलिस आईजी की नियुक्ति भी हुई थी और आईजी ऑफिस का कार्य भी शुरू हो चुका था। अब, सीकर के लोगों को फिर से जयपुर जाने के लिए मजबूर किया जाएगा, जो उनके लिए असुविधाजनक है।


वकीलों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने सीकर को संभाग और नीमकाथाना को जिला बनाने के आदेश रद्द कर उन्हें बहाल नहीं किया, तो अभिभाषक संघ उग्र आंदोलन करेगा। उनका कहना था कि यह फैसला शेखावाटी क्षेत्र के विकास और जनता के हित में नहीं है, और सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।


इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वकील और स्थानीय लोग शामिल हुए और उन्होंने सीकर को संभाग और नीमकाथाना को जिला बनाने के फैसले को तुरंत बहाल करने की मांग की।